Solar System ।सौर मंडल । solar system in Hindi

सौर मंडल (solar system) – सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों, धूमकेतु, उल्काओ तथा अन्य आकाशीय पिंडों के समूह को सौरमंडल कहते हैं। सौरमंडल की खोज कोपरनिक्स ने की, उन्होंने बताया कि सौर मंडल के केंद्र में सूर्य है और प्रत्येक ग्रह सूर्य के साथ एक केंद्र में दीर्घ वृत्त में चक्कर लगाता है। सौरमंडल की उत्पत्ति गैस और धूल की घूमती हुई निहारिका से हुई है। सौर मंडल के समस्त ऊर्जा का स्रोत भी सूर्य ही है। इसकी उम्र 4.56 बिलियन वर्ष है। सौरमंडल का सबसे चमकीला तारा साइरस या डॉग स्टार है। प्लेनेमस सौर मंडल से बाहर बिल्कुल एक जैसे दिखने वाले जुड़वा पिंडों का समूह है।

गैलीलियो द्वारा 17 जनवरी 1610 ईस्वी में टेलिस्कोप का आविष्कार किया एवं केपलर ने ग्रहों की गति का सिद्धांत दिया।वर्तमान में 8 ग्रह है ।  24 अगस्त 2006 को  IAU ने यम/ प्लेटो को बौना ग्रह घोषित किया गया अर्थात ग्रहों की सूची से हटा दिया गया, मंदाकिनी को सर्वप्रथम गैलीलियो ने देखा था।
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– सौरमण्डल का चित्र –

सूर्य

सूर्य एक गैसीय गोला है जिसमें हाइड्रोजन 71% हिलियम 26.5 प्रतिशत एवं अन्य तत्वों 2.5 प्रतिशत विद्यमान है ।

सौरमंडल (solar system) का मुख्य एवं जन्मदाता सूर्य एक तारा है, जो स्वयं अपने प्रकाश से प्रकाशवान है एवं सौर मंडल के समस्त ग्रह उपग्रह इसी के प्रकाश से प्रकाशवान हैं। सूर्य का केंद्रीय भाग क्रोड कहलाता है। इसका तापमान 1.5*10 सेल्सियस होता है, सूर्य के बाहरी सतह का तापमान 6000 डिग्री सेल्सियस है। इसके वरणमंडल (सूर्य की बाहरी सतह वाला भाग) का तापमान 32400 डिग्री सेल्सियस है । जबकि क्रोड वाले भाग का तापमान 15000000 डिग्री सेल्सियस है।

  • हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन कहा जाता है सूर्य का नाभिकीय ईंधन हाइड्रोजन है।
  • पृथ्वी पर आने वाली सौर्यिक उर्जा को सूर्यताप कहते हैं।

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सूर्य से संबंधित विशिष्ट तथ्य

  • पृथ्वी से औसत नदी दूरी – 14.98 करोड़ किलोमीटर।
  • प्रति से न्यूनतम दूरी 14.70 – करोड किलोमीटर।
  • पृथ्वी से अधिकतम दूरी – 15.21 करोड़ किलोमीटर।
  • सूर्य का व्यास – 13,92,000 किमी.।
  • आयतन – पृथ्वी से 1300000 गुना।
  • द्रव्यमान – पृथ्वी से 332000 गुना।
  • तलिय गुरुत्व – पृथ्वी से 28 गुना।
  • केंद्रीय घनत्व – 100 ग्राम प्रति घन सेमी.
  • फोटोस्फेयर ताप (सतह का ताप) – 6000 डिग्री सेल्सियस ।
  • केंद्र का ताप – 15 Million degrees Celsius.
  • सूर्य धब्बों का ताप – 1500 degree Celsius.
  • उर्जा उत्सर्जन – 10*26 जूल।
  • केंद्रीय दबाव – एक अरब एटमॉस्फेयर।
  • घूर्णन अवधि – 25.38 दिन (भूमध्य रेखा के सापेक्ष ) ।
  • सूर्य के प्रकाश की चाल – 300000 किमी प्रति सेकंड।
  • एक प्रकाश वर्ष – 3.6 प्रकाश वर्ष ।

सूर्य अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है , इसका मध्य भाग 25 दिन में व ध्रुवीय भाग 35 दिनों में एक घूर्णन करता है। इसका परिक्रमण काल (दुग्ध मेखला के केंद्र के चारों ओर एक बार घूमने में लगा समय) 25 करोड़ वर्ष है। जिसे ब्रह्मांड वर्ष कहते हैं।(Solar System)

सूर्य पृथ्वी से लगभग 109.2 गुना बड़ा है। इसका व्यास 13 लाख 92 हजार किमी है। सूर्य की मध्य त्रिज्या 6,96000 किमी तथा पृथ्वी की मध्य त्रिज्या 6371 कि मी. है। सूर्य की आकर्षण शक्ति पृथ्वी की तुलना में 28 गुना अधिक है। सूर्य की के दीप्तिमान सतह वाले भाग (सबसे बाहरी सतह) को प्रकाशमंडल (परिवलय) कहा जाता है, तथा ऊपर की सतह को वर्णमंडल कहते हैं। इसकी सतह पर जो काले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं उन्हें सूर्य कलंक / सौर कलंक कहा जाता है। सूर्य के आंतरिक काले भाग को अंब्रा तथा चारों ओर स्थित अपेक्षाकृत कम कालेबा को प्रेनम्बा कहते हैं, जो सूर्य के सबसे ठंडे भाग में स्थित है।(Solar System)

सूर्य ऊर्जा की उत्पत्ति का प्रमुख कारण उसमें होने वाली संलयन क्रिया है। सूर्य के केंद्र पर 4 हाइड्रोजन नाभिक मिलकर एक हीलियम नाभिक का निर्माण करते हैं, जिससे नाभिकीय संलयन क्रिया संपन्न होती है।(Solar System)

सूर्य का प्रकाश विकिरण क्रिया के माध्यम से पृथ्वी तक पहुंचता है। पृथ्वी तक इस प्रकाश को आने में 8 मिनट 20 सेकंड का समय लगता है। सूर्य किरण लंबवत भूमध्य रेखा पर गिरती है, चंद्रमा का प्रकाश 1 मिनट 3 सेकंड में पृथ्वी पर पहुंचता है। चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं पाए जाने के कारण गुरुत्वाकर्षण बल भी अधिक नहीं होता है एवं हम हमेशा चंद्रमा की एक ही सतह को देखते हैं, क्योंकि यह अपने अक्ष पर घूमने और पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करने में सम्मान समय लेता है। सूर्य के प्रकाश का 2 अरब वाँ भाग ही पृथ्वी तक पहुंच पाता है।(Solar System)

शुद्रग्रहों के बाहर स्थित ग्रह जो आकार में बड़े, घनत्व कम तथा बार अधिक होता है, ग्रेट प्लैनेट्स (बड़े ग्रह) कहलाते हैं। बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण ग्रह इस श्रेणी में आते हैं।

Solar system in Hindi

सौर मंडल ग्रहों के नाम –

  1. बुध ग्रह (Mercury)
  2. शुक्र ग्रह (Venus)
  3. पृथ्वी ग्रह (Earth )
  4. मंगल ग्रह (Mars)
  5. बृहस्पति ग्रह (Jupiter)
  6. शनि ग्रह (Saturn)
  7. अरुण (Uranus)
  8. वरुण (Neptune).

 

 

 

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